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Rajkumar Aggarwal

अब बस्ते के बोझ तले नहीं दब पाएगा बचपन

-भारत सरकार ने जारी किया सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित राज्यों के लिए पत्र

-कक्षा पहली से बारहवीं तक बस्ते का वजन भी किया सीमित

- कक्षा पहली में डेढ़ किलोग्राम व तीसरी से पांचवीं तक बस्ते में होगा 2 से 3 किलोग्राम वजन

चंडीगढ़, 25 नवम्बर:
अब बस्ते के बोझ तले बचपन नहीं दब पाएगा, जी हां हम यहां बात कर रहे हैं भारत सरकार द्वारा जारी किए गए सरकुलर की, जिसमें कक्षा पहली से लेकर बारहवीं तक की पढ़ाई करने वाले बच्चों के बस्ते का बोझ सीमित किया गया है। प्रत्येक कक्षा और बच्चे की उम्र के हिसाब से बस्ते का वजन भी निर्धारित होगा। आम तौर पर छोटी कक्षाओं में पढऩे वाले बच्चों की पीठ पर उनकी उम्र और उनके शरीर के वजन से भी ज्यादा बस्ते का वजन होता है। इस वजन को ढोते ढोते बच्चे भी पढ़ाई से उब जाते हैं।
भारत सरकार द्वारा जारी किए गए सरकुलर के अनुसार कक्षा पहली और दूसरी में पढऩे वाले बच्चों के बस्ते का वजन डेढ़ किलोग्राम निर्धारित किया गया है, जबकि कक्षा तीसरी से कक्षा पांचवीं तक पढऩे वाले बच्चों के बस्ते का वजन 2 से 3 किलोग्राम निर्धारित किया गया है। इसी तरह कक्षा छठी से आठवीं तक पढ़ाई करने वाले बच्चों के बस्ते का वजन चार किलोग्राम से अधिक नहीं होगा। इतना ही नहीं कक्षा आठवीं से नौंवी तक बस्ते का वजन साढ़े चार किलोग्राम है। कक्षा दसवीं से बारहवीं में पढऩे वाले बच्चों के बस्ते का वजन पांच किलोग्राम से अधिक नहीं होगा।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेाश् अध्यक्ष बृजपाल परमार व प्रदेश महामंत्री भारत भूषण बंसल ने बताया कि भारत सरकार व राज्य सरकारों से मान्यता प्राप्त सभी निजी स्कूलों द्वारा कक्षा पहली व दूसरी कक्षा के बच्चे को कोई भी होमवर्क नहीं दिया जाएगा। इसके साथ साथ कक्षा पहली से दूसरी तक भाषा, गणित विषय से सम्बंधित केवल दो ही किताबें अनिवार्य हैं, जबकि कक्षा तीसरी से पांचवीं तक भाषा, ईवीएस, गणित विषय की केवल एनसीईआरटी पाठयक्रम की पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं। छात्र के बैग यानी बस्ते में कोई भी अतिरिक्त किताब या वजन नहीं होना चाहिए। बृजपाल परमार ने बताया कि भारत सरकार ने अपने सरकुलर में सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को सख्त हिदायतें दी हैं कि कक्षावार बच्चों के बस्ते का वजन निर्धारित से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
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ये है कक्षावार बस्ते के बोझ का वजन
कक्षा बस्ते का वजन
पहली से दूसरी 1.5 किलोग्राम
तीसरी से पांचवीं 2 से 3 किलोग्राम
छठी से आठवीं 4 किलोग्राम
नौंवी से बारहवीं 5 किलोग्राम
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दिसम्बर को हाई कोर्ट में होनी है मामले की सुनवाई: बृजपाल परमार
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल परमार व प्रदेश महामंत्री भारत भूषण बंसल ने बताया कि निजी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठयक्रम की पुस्तकें लागू किए जाने सम्बंधी मामले की सुनवाई दिसम्बर माह में माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में होनी है। न्यायालय में दायर की गई याचिका में खासतौर पर निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से निजी प्रकाशकों के साथ सांठगांठ कर मोटा मुनाफा कूटने की नियत से बच्चों एवं अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालकर पाठयक्रम की पुस्तकें थोपने की शिकायत दी गई थी। इसी मामले में अब अगली सुनवाई 6 दिसम्बर को हाई कोर्ट में होगी।

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