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कैथल जिला की पुलिस कैसे साफ़ सुधरी रह सकती है जिला पुलिस कप्तान आस्था मोदी कुछ भी कहती रहे

Rajkumar Aggarwal


कैथल पुलिस की भूमिका आपराधिक गतिविधियों में शामिल ना रही हो ऐसा नहीं संभव -एसपी आस्था मोदी चाहे कुछ भी कहे -
कैथल जिला की पुलिस कैसे साफ़ सुधरी रह सकती है जिला पुलिस कप्तान आस्था मोदी कुछ भी कहती रहे  
कैथल, 16 नवम्बर (राजकुमार अग्रवाल ):
हरियाणा पुलिस आम तौर पर बदनाम है ,अपने राजनीतिक आकाओं के लिए कुछ भी कर सकती है हर रोज अख़बारों की सुर्खियां  हरियाणा पुलिस की असलियत ब्यान करती रहती है लेकिन खाकी पर इन सबका कोई असर दिखाई नहीं देता उल्टा निर्दोष लोगो और आम जन को परेशान करने के लिए समय तलाशती रहती है ,ऐसे में कैथल जिला की पुलिस कैसे साफ़ सुधरी रह सकती है जिला पुलिस कप्तान आस्था मोदी कुछ भी कहती रहे की उनके कार्यकाल में जिला कैथल में अमन चैन  रहा लेकिन जिला कैथल की जनता को सब मालूम है की आंकड़ों से ही प्रशासन चलता है लेकिन  जिला पुलिस कप्तान क्योंकर अपने महकमे को निक्क्मा या बदनाम बताएगी और क्यों अपने महकमे की कमियां जनता के सामने लाएगी आखिर आस्था मोदी है टी पुलिस अधिकारी ही  और उन्हें अपने मातहतों से जिला संभालना होता है ,ऐसे में आस्था मोदी के कार्यकाल में जिला कैथल में अनेक वारदातें और घटनाये घटी लेकिन आज एसपी साहिबा ने अपने महकमे की कमियां बताने की बजाये वही रटा रटाया दोहराया की जिला कैथल पिछले वर्षों की तुलना आपराधिक गतिविधियां काम हुई ,और पुलिस की छवि आम जनता के बीच सुधरी यानी एसपी महोदया मानती है की जनता के बीच पुलिस की क्या इमेज है ,लेकिन इन सबसे हरियाणा पुलिस को कोई फर्क नहीं पड़ता ,बदनामी हरियाणा पुलिस के लिए एक तगमा है जो हमेशा लगा रहेगा ,आज भी आम जन पुलिस थाने में जाने से डरता है  क्योंकि उसे मालूम है  पुलिस कभी किसी की नहीं होती ,उल्टा उसको परेशान ही करेगी ,इसलिए कैथल पुलिस कप्तान आस्था मोदी का एक वर्ष कैथल में बीत गया इस दौरान भी अनेक असमाजिक गतिविधियां हुई  ,कैथल पुलिस की खामिया भी खुल कर सामने आई ,कैथल जिले में पिछले कुछ माह से सरे आम हज़ारों करोड़ का लेनदेन ,सोने की तस्करी की खुले आम हुई ,अखबारों की सुर्खियां भी बनी  जिसमे कैथल पुलिस की मिलीभगत को नकारा नहीं गया ,क्योंकि बिना स्थानीय पुलिस और उच्चाधिकारियों की मिलीभगत के ऐसे अपराध संभव नहीं है ,यही नहीं आस्था मोदी जिला पुलिस कप्तान कितनी भी अपनी और अपने महकमे की पीठ थपथपाये ,सोने की तस्करी और हज़ारों करोड़ के लेनदेन में पुलिस की मिलीभगत को नकार नहीं सकती ,पुलिस कप्तान अपने मुँह से कुछ ना भी बोले जिले की जनता सब जानती है ,जिले में आपराधिक गतिविधियों में जिला कैथल पुलिस शामिल है बिना पुलिस की भागीदारी के अपराध नहीं हो सकते यह संभव ही नहीं है ,लेकिन आज कैथल पुलिस कप्तान ने अपना एक वर्ष कैथल में पूरा किया  इसलिए गुणगान करना तो जरूरी है ऐसे में आस्था मोदी जैसी लायक पुलिस अधिकारी क्योंकर पीछे रहती उन्होंने भी वही किया जो करना चाहिए था अपने पुलिस महकमे की सारी गलतियां  अपराधों को दबा दिया ,उन्होंने अपने ब्यान में ऐसी कोई बात नहीं की जिससे पुलिस की छवि में सुधार हुआ हो खैर जब सुरक्षा करने वाले ही अपराधी हो या अपराधी का साथ देने लगे तो थानेदार भी क्या करेगा वो बेचारा तो अपने मातहतों और सरकार के अधीन है आज आस्था मोदी का तबादला भी हो गया ऐसे में जिला पुलिस में वही सब चलता रहा जो पहले चलता रहता था फर्क सिर्फ इतना है की पुलिस की आपराधिक गतिविधियों और अप्राद्यियों की सरक्षण देने में कैथल पुलिस हमेशा आगे रही है जिला पुलिस कप्तान चाहे कोई भी रहा हो  ऐसे में एसपी आस्था मोदी आईपीएस के एक वर्ष के कार्यकाल दौरान जिला पुलिस विभाग द्वारा क्षेत्र में निरंतर अमन-चैन एवं कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए निष्ठापूर्वक कर्तव्यपालना करने के दृष्टिगत आम जन-मानस की नजर में पुलिस छवि काफी बेहतर हुई है। काबिले जिक्र है कि 16 नवम्बर 2017 को पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी की बतौर कैथल पुलिस कप्तान नियुक्ति हुई थी, जिनका 15 नवम्बर को कैथल में एक वर्ष का कार्यकाल संपन्न हो गया है। विदित रहे कि बीते वर्ष के आंकड़ो के तुल्नात्मक इस वर्ष के अपराध ग्राफ आंकडों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस अवसर पर पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों का तनाव दूर करने के साथ नई उर्जा व स्फूर्ती का संचार करते हुए गैट-टू-गैदर प्रोग्राम अंतर्गत  पुलिस लाईन में एसपी आस्था मोदी द्वारा पार्टी आयोजित की गई, जिसमें जिला के सभी थाना, चौकी के पुलिस कर्मचारी-अधिकारियों व उनके पूरे परिवार को आंमत्रित किया गया। इस महाभोज में जिला पुलिस के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से लेकर उच्चाधिकारियों व उनके परिजनों सहित 1200 से ज्यादा व्यक्तियों ने उत्साह पूर्वक डिनर लिया, जिसकी मेजवानी स्वमं पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई। काबिजे जिक्र है कि इस प्रकार के आयोजन दौरान पुलिस कर्मचारियों का उच्चाधिकारियों के साथ सीधा संवाद स्थापित होने कारण उनके मनोबल में ईजाफा होने के अतिरिक्त कर्मचारी व अधिकरी निष्ठा भाव से कर्तव्यपालना के लिए प्रेरित होते है। कैथल जिला पुलिस ईतिहास में यह इस प्रकार का प्रथम आयोजन हुआ है, जिसके कारण न सिर्फ पुलिस कर्मचारियों के मनोबल में ईजाफा हुआ, अपितू उनके परिवार सदस्य भी स्वमं को गौरवांतित महसूश करते हुए घर पर देर सवेर पहुचने वाले पुलिस कर्मचारियों-अधिकारियों पर गर्व महसूस कर रहे थे। पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस लाईन में पार्क में आयोजित किए गये बड़ा खाना के लिए एसपी आस्था मोदी द्वारा व्यक्ति रुची लेते हुए लाईन में ही स्वादिष्ट खाना तैयार करवाया गया, जिसमें 4-5 प्रकार की सब्जी, 2/3 प्रकार की मिठाईयां, टॉमटो सूप, काफी सहित काफी व्यंजन शामिल थे। पुलिस विभाग द्वारा इस आयोजन को विभाग के त्यौहार स्वरुप मनाया गया।
बॉक्स--सेल्फी का रहा क्रेज :
पार्टी में पहुंचे पुलिस कर्मचारियों के बच्चों में जहां पुलिस अधीक्षक महोदय के साथ सेल्फी लेने का क्रेज बना रहा, वहीं महिलाओं द्वारा एसपी आस्था मोदी के साथ उमंग व उत्साह पूर्वक फोटो खिचंवाई गई। एसपी द्वारा इस दौरान किशोर बेटीयों के साथ सेल्फी व फोटो दौरान निरंतर उत्साह के साथ सहयोग देते हुए बच्चीयों के माता-पिता को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के लिए प्रेरित किया गया। उन्होने बताया कि बेटी के पढाने से बच्ची के माता-पिता व ससुराल दोनों घरों में खुशहाली आती है। 
बॉक्स--महिलाओं को करना चाहिए पुलिस कर्मीयों पर गर्व :
पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी ने बड़ा खाना पर लाईन में परिवार के साथ पहुंची पुलिस कर्मचारियों की पत्नी के साथ मधुरता पुर्वक संवाद कायम करते हुए उनको बताया कि आपके पति अधिकांशत: देर-सवेर घर पहुंचते होगें, परंतु उन पर झुंझलाने की अपेक्षा आपको गर्व होना चाहिए, कि उनके द्वारा की जा रही दिन-रात निष्ठापूर्वक गश्त  व नाकाबंदी कारण शहर व गांव सुख की नींद सोता है। 
बॉक्स-- पुलिस कर्मियों में हुआ नई उर्जा का संचार :
उच्चाधिकारियों के एक टेबल पर खाने का आंनद लेने कारण पुलिस विभाग के सिपाही व हवलदार में नई उर्जा का सचांर हुआ है। उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों द्वारा उनके साथ किए गये मधुर व्यवहार व सीधे संवाद कारण उनका हर प्रकार का तनाव दूर हुआ है, तथा वे उच्च मनोबल के साथ कर्तव्यपालना करते हुए अपराध पर लगाम कसेंगे। सिपाही-हवलदार व दूरस्थ चौकीयों में तैनात कर्मचारियों का उच्चाधिकारियों के साथ सीधा प्रोग्राम दौरान सीधा संवाद होनें कारण उनके मध्य की दूरीयां कम होनें से कर्मचारियों का हौसला बढ़ा, जिन्होनें बताया कि अब से दुख-सुख की घड़ी में नए हौसले के साथ उच्चाधिकारियों के साथ विचार सांझा कर सकेगें, तथा नई स्फूर्ती से डयूटी कर सकेंगे।

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